हाली में हुए सर्वे के अनुसार भारत में अधिक से अधिक योग्य और उच्चतर शिक्षित गृहिणियां हैं। यह देश की आर्थिक वृद्धि को दबाना के समान है। घरेलू जिम्मेदारियों, विवाह और गर्भधारण के कारण महिलाएं अपनी शिक्षा का इस्तेमाल ठीक से नहीं कर पाती.

विवाहित महिलाओं और माताओं को सशक्त करने की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, लतिका वाधवा ने इस वर्ष जनवरी में मोमप्रेनुर सर्कल शुरू कर दिया।

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मोमप्रेनुर सर्कल की शुरुआत

“मैंने देखा कि कई महिलाओं ने शादी या मातृत्व के बाद अपनी आकर्षक करियर छोड़ दिया था। इसने मुझे याद दिलाया कि मेरी मां भी इसी फेज से गुज़र चुकी हैं. मुझे एहसास हुआ कि यह मेरा भविष्य भी हो सकता है. शादी के बाद महिलाओं की मदद करने और समर्थन करने के लिए कोई उचित जगह नहीं थी।” और इसी तरह उन्होंने मोमप्रेनुर सर्कल शुरू कर दिया।

टेक्नोलॉजी- एक सशक्त औज़ार

दिल्ली विश्वविद्यालय के पढ़ी हुई लतिका ने यह स्वीकार किया है कि कनेक्टिविटी और नेटवर्क के अवसर तलाशने वाली महिलाओं के लिए फेसबुक एक फायदेमंद प्लेटफ्रॉम है। उन्होंने कहा क़ि फेसबुक ग्रुप की विशेषता का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने मोमप्रेनुर सर्कल शुरू किया.

“हम कई कारणों से स्वयं के साथ समझौता करते हैं इसके अलावा, हम यह भूल जाते हैं कि अगर हम संतुष्ट और खुश हैं, तब ही हम लोगों को खुश और संतुष्ट बना सकते हैं.”

“हमारे पास इस समय 17,000 से ज्यादा माताओं और विवाहित महिलाएं हैं और इनकी संख्या दिन भर दिन बढ़ रही है।”

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“वह कहती हैं कि फेसबुक पर एक स्मार्टफोन से बस लॉगिंग करने से विभिन्न शहरों में बैठी महिलाओं को एक-दूसरे से कनेक्ट, चर्चा और सशक्त बनाने की सुविधा मिलती है।”

“हमारे पास प्रत्येक शहर के अनुसार व्हाट्सएप ग्रुप हैं जो स्थानीय रूप से सदस्यों को कनेक्ट करते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं,” वह बताती हैं.

“हमने प्रत्येक दिन का एक थीम रखा हुआ है. सोमवार ब्लॉगर्स और मंगलवार महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए है. बुधवार को हम एक्सपर्ट लाइव सेशंस करते हैं. गुरुवार को, हम महिला ट्रेवल, भोजन और दिलचस्प व्यंजनों के बारे में बात करते हैं। शुक्रवार पुस्तक प्रेमियों, लेखिकाओं और उभरते लेखिकाओं के लिए हैं। ”

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यह प्लेटफ्रॉम उन महिलाओं की भी मदद करता है जो अपनी नौकरी पुनः आरंभ करने के लिए या फुल- टाइम या पार्ट टाइम या घर से काम करने के अवसर तलाश कर रही हैं.

माताओं को जोड़े रखने के लिए क्रियाएँ

यह कम्युनिटी मनोरंजन में भी विश्वास रखती है इसलिए वह महिलाओं के लिए प्रतियोगिताओं और अभियानों का आयोजन करते रहते हैं.

“हम कई कारणों से स्वयं के साथ समझौता करते हैं इसके अलावा, हम यह भूल जाते हैं कि अगर हम संतुष्ट और खुश हैं, तब ही हम लोगों को खुश और संतुष्ट बना सकते हैं.”

लतिका का मानना ​​है कि इस तरह के सामाजिक ग्रुप्स ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने और माताओं को प्रोत्साहित करने में मदद की है। इसके अलावा, यह उनको नेटवर्क बनाने में मदद करता है जो एक सफल व्यवसाय के लिए आवश्यक है।

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