#टॉप स्टोरीज

५ कारण आपको पैडमैन क्यों देखनी चाहिए

post image

बॉलीवुड में ऐसी फिल्मों की संख्या में हाल ही में बढ़ोतरी को देखते हुए खुशी होती है जो भारत की वास्तविकता का प्रदर्शन करती हैं.आर बाल्की द्वारा निर्देशित पैडमैन अरुणाचलम मुरुगनमंतम की वास्तविक जीवन की कहानी है जिन्होंने एक प्रमुख सामाजिक समस्या को सुलझाने में मदद करने के लिए दुनिया की पहली कम लागत वाले सैनिटरी पैड बनाने की मशीन बनाने का संकल्प किया।

पुरुषों को इस मुद्दे में शामिल करने के लिए

फिल्म में एक दृश्य है जिसमें डॉक्टर ने लक्ष्मीकांत चौहान (अक्षय कुमार द्वारा निभाया गया) को बताया कि बहुत से ऐसे पति हैं जो यह नहीं जानते हैं कि उनकी पत्नियां महीने में 5 दिनों के लिए पीरियड्स होते हैं और कैसे एक गन्दा कपड़ा या रख उनके लिए घातक हो सकती है. यह जानकर उन्हें झटका मिला और उन्होंने महिलाओं के लिए किफायती सैनिटरी नैपकिन बनाने का फैसला किया. और उन्होंने भारत के “पैडमैन” का खिताब जीता.

पढ़िए : जानिए किस प्रकार यह महिला उद्यमी अपने दिन की शुरुआत करती हैं

इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए

अक्षय कुमार ने दिन और रात काम किया और एक ऐसी मशीन बनाने के तरीके खोजने के लिए मेहनत करी जो सस्ती सैनिटरी नैपकिन का उत्पादन कर सकती थी। औपचारिक शिक्षा और अपने स्वयं के लोगों के समर्थन के बिना, उसने अंत में एक ऐसे गंभीर संकल्पों को सुलझाया जिसको भारतीय महिलाओं का सामना करना पड़ता है – सैनिटरी नैपकिन की कमी।

पीरियड्स के आस पास के मिथकों को तोड़ने के लिए

गायत्री के लिए (अक्षयकुमार की पत्नी राधिका आपते द्वारा निभाई गई), “औरत के लिए सबसे बड़ी बीमारी है शर्म” – अपने पति से दूर रहने से लेकर समाज से बहिष्कृत होने तक, महिलाओं को पीरियड्स के दौरान किन किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है यह एक बहुत ही अच्छे से दर्शाया गया है.

अन्य मुद्दों के विषय में बात करने के लिए

पीरियड्स संबंधी मुद्दों को संबोधित करने के अलावा, कई अन्य समस्याएं भी थीं जो स्पष्ट रूप से हाइलाइट हुई हैं। उदाहरण के लिए, यह फिल्म घरेलू हिंसा की बात करती है और आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला अपनी आजीविका अर्जित करके पितृसत्ता से मुक्त हो सकती हैं। अक्षय कुमार कई महिलाओं को पैड बनाने और उन्हें बेचकर रोजगार की तलाश में मदद करने का प्रबंध करता है।

एक जागरुक कर देने वाला संदेश

“महिलाओं की समस्या” के समाधान को खोजने के लिए लक्ष्मी का जुनून प्रशंसनीय और प्रेरक है। एक सीन में वह यह भी समझाता है कि समस्याओं का सामना करना ही जीवन जीने की परिभाषा है. वास्तव में, चुनौतियों का सामना करना ही जीवित रहने का आधार है। और इस प्रकार, लोगों को उद्देश्य से भरे जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया.

पढ़िए : जानिए कैसे मोजार्ट्सी बच्चों और उनके माता-पिता को पास लाने का काम करता है

post image
५ कारण आपको पैडमैन क्यों देखनी चाहिए
post image
जानिए इन पांच महान भारतीय अध्यापिकाओं के बारें में
post image
परीक्षा से सम्बंधित तनाव को कम करने के उपाय
post image
जानिए क्यों है वसंत इन पांच महिलाओं की पसंददीता ऋतु