हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता.  हम सभी एक सेकंडरी लाइफ स्टाइल जीने के लिए मजबूर हैं. परंतु वैज्ञानिकों ने  यह साबित कर दिया है कि व्यायाम करने से  मनुष्य को मन की शांति मिलती है.

  • आपके दिमाग को कभी कभी गहरी सोच – चिंतन करनी पड़ती है.  इसके लिए व्यायाम बहुत सहायक है.  इससे आप आर्गेनाईजेशन, मैनेजमेंट, प्लानिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंगपर निपुणता पा सकते हैं पा सकते हैं.
  • कुछ वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह माना गया है कि व्यायाम करने से दिमाग का आई क्यू लेवल बढ़ जाता है.
  • व्यायाम करने से आपका दिमाग बेहतर तरीके से काम पर  ध्यान दे पाता है.  जो लोग  व्यायाम करके स्वयं को स्वस्थ  रखते हैं वह अपने काम  को बेहतर तरीके से कर पाते हैं.

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  • व्यायाम करने से आपका दिमाग तेज हो जाता है और तीव्रता से काम करने लगता है.  यह उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें  मल्टीटास्किंग करनी होती है
  • व्यायाम से आपको आत्म-संयम मिलता है जिससे आपकी इच्छा शक्ति बढ़ जाती है जिससे आप कठिन से कठिन कार्य आसानी से कर पाते हैं.

  • भावनाएं मन की मनोवैज्ञानिक स्थिति को दर्शाते हैं . व्यायाम आपकी भावनाओं पर नियंत्रण रखने के लिए भी सहायक है.  व्यायाम आपके मन से नकारात्मकता को हटाता है.  और आपको सोचने का एक नया परिप्रेक्ष्य देता है
  • व्यायाम करने से आपकी यादाश तेज हो जाती है. इससे आपकी किसी भी स्थिति को समझने की क्षमता भी बढ़ जाती है.  स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मनुष्य को प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए.

हम सब अपने काम में बहुत व्यस्त रहते हैं परन्तु ज़रूरी है कि कुछ समय निकालकर हम व्यायाम अवश्य करें क्यूंकि ऐसा करने से ही हम एक स्वस्थ जीवन जी पाएंगे.

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