अंधेरा होने की वेट करनी पढ़ती है. यह कहानी वीडियो वॉलंटियर्स के ज़रिया बतौवाँ उत्तर प्रदेश से आई है. क्या स्वच्छ भारत अभिज्ञान के ज़रिया और टाय्लेट नही बॅन रहे? एक 17 साल की लड़की ने खुद-खुशी की क्योंकि उनसे घरवालों ने घर के अंदर बातरूम नही बनवाया – ऐसा कहना है हिंदू न्यूसपेपर का. स्वचता के मुद्दों पर बात चीत ज़रूर है लेकिन क्या यहाँ पर असल का काम किया जा रहा है? देखिया यह रिपोर्ट

महीलाएँ अंधेरे के लिए इंतज़ार करती है शौचालय में जाने के लिए

भारत की महिलाओं के लिए शौचालय की समस्या