पुणे की यह आँगनवाड़ी एक मंदिर में है. वहले नाम के गाओ में यह बचों का इस्कूल बीस बचों को सीखाता है. हेमलता जाधव नाम से एक सेविका इन बचों को ए,ब,सी और नंबर्स सीखने में जुटी है. इन बचों के मा बाप चाहते है की यह इस्कूल एक अच्छी बिल्डिंग में ट्रान्स्फर किया जाए और बचों की ठीक से परवरिश हो पाए.

क्या महाराष्ट्र की सरकार और डिस्ट्रिक्ट के इनचार्ज इस मुदे का सल्यूशन डूंड सकते है? क्या यह बच्चे आने वेल दिनो में एक स्कूल की आशा कर सकतें है?