हममें से ऐसे बहुत लोग हैं जिन्हें जानवरों से बहुत प्यार है परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि जानवरों के प्रति आपका प्यार आपका करीयर भी बन सकता है?

शिरीन मर्चेंट एक डॉग ट्रेनर है.  वह कहती हैं कि उन्हें कुत्तों से बहुत प्यार है और इसलिए डॉग  ट्रेनर बनना उनके लिए एक स्वाभाविक पसंद है.शिरीन ने इस फील्ड के बारे में 1995 में सीखना शुरु किया. उनको इंग्लैंड में रहने वाले विश्व  प्रसिद्ध  डॉग ट्रेनर जॉन रोजर्सन ने ट्रेन करना शुरू किया.

शिरीन मुंबई में रहती हैं. उन्हें कुत्तों के साथ काम करते हुए बहुत समय हो गया है और अब उन्हें ट्रेन करना भी अच्छे से आता है. वह कहती है-:

“कुत्तों को ट्रेन करना बहुत आसान है. मैं कुत्तों को ट्रेन करने के लिए लर्निंग और बिहेवियर के सिद्धांतों का इस्तेमाल करती हूं. यह बहुत मुश्किल काम नहीं है और किसी के भी द्वारा किया जा सकता है.”

डॉग ट्रेनिंग मुश्किल इसलिए भी है क्योंकि सभी एक जानवर के साथ नहीं जुड़ सकते. कुत्ते बात नहीं कर सकते इसलिए आपके लिए उनके  व्यवहार और शारीरिक हावभाव को समझना पड़ता है. कुछ कुत्तों को ट्रेन करना बहुत मुश्किल हो सकता है परंतु शिरीन  के लिए यह आसान बात है.

उन्होंने कहा,” पिछले 20 सालों में मैं लगभग 2000 कुत्तों को ट्रेन कर चुकी हूं. यह सभी कुत्ते अलग-अलग ब्रीड के थे. “

शिरीन को कुत्तों को ट्रेन करते समय  हाउस ट्रेनिंग, एग्रेशन, डिस्ट्रक्शन  जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. शिरीन दुनिया के उन 9 लोगों में से हैं जिन्हें कंपेनियन एनिमल ट्रेनिंग एंड बिहेवियरल ट्रेनिंग में  केसीएआई मिला हुआ है.

शिरीन के पास अपना केवल एक कुत्ता है जिसका नाम माया है.  शिरीन कहती हैं कि लोगों को कुछ तो प्रस्तुत कुत्तों से प्यार करना सीख लेना चाहिए और उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए.  उन्हों ने कहा-

“पब्लिक को  जानवरों  का आदर करना  और उनकी और करुणा दिखाने के विषय में  जागरुक होना चाहिए.  मुझे लगता है कि  हमें हमारी युवा पीढ़ी  को जागरुक करना चाहिए ताकि  यह दुनिया जानवरों के रहने के लिए के लिए एक अच्छी जगह बन सके.”

जानवर आजकल के मनुष्य से भी ज्यादा  दयालु होते हैं.  यदि आप किसी जानवर से बहुत प्यार करते है,  तो वह भी आपको वापस प्यार अवश्य करेगा.  ऐसे बहुत से लोग हैं जो शिरीन से प्रेरित होकर डॉग ट्रेनर बन रहे हैं.